गुड टच और बैड टच क्या है बच्चो को ज़रूर बताये | Good Touch Bad Touch

Good Touch Bad Touch

Good Touch Bad Touch-   

डांस क्लास, म्यूजिक क्लास, चेस बच्चे चुट्टियों में अपने पेरेंट्स के साथ घूमने बाहर चले जाते हैं, जो नहीं जा पाते , उन्हें क्लास या पेंटिंग क्लास आदि में भेजना पसंद करते हैं।बच्चे के दोस्तों के साथ धूप में मटरगश्तो करना मोबाइल या कंप्यूटर पर चिपके रहने से कहीं बेहतर ऑप्शन है । पर क्या किसी परेंट ने यह भी सोचा है कि क्लास में बच्चे के साथ सेक्सुअल अब्यूज की घटना हो सकती है ? इसके लिए स्कूल स्टाफ, अनजाने लोग या फिर अपने करीबी जिम्मेदार हो सकते हैं । क्यों ना इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उसे पहले से  गुड टच बैड टच के बारे में बताया जाए ।

मामले में छोटी लड़कियां हों या छोटे लड़के , दोनों ही सेफ नहीं हैं । इन्टेया काउंसलिंग के काउंसलर वीर शर्मा का कहना है कि गुड टच बैड टच बहुत ही संवेदनशील विषय है , इस बारे में बच्चे को बहुत धैर्य और आराम से जानकारी देने की जरूरत है । यह बात समझने में बच्चे को काफी समय लग सकता है । बात करें बच्चे को 3-4 साल की उम्र से ही गुड और बैट टब में अंतर करना सिखाएं । उसे समझाएं उसके शरीर को हने का हक किसी को भी नहीं है ।

 इस मामले में आसान शुरुआत करें । उसे बताएं कि आपके शरीर के अंडरवियर के नीचे के हिस्से बहुत प्राइवेट हैं , उन्हें माँ को छोड़ कर कोई और नहीं सकता । मम्मी – पापा भी तभी छूते हैं , जब उन्हें साफ करना होता है । या फिर हॉस्पिटल में डॉक्टर को कोई चेकअप करना है । डॉक्टर भी केवल मॉम – डैड के सामने ही उसके शरीर के इन हिस्सों को छू सकता है । इस बारे में बहुत ज्यादा बात ना करें ।

बॉडी पार्ट के सही नाम बताएं । बच्चे को जब शरीर के अलग – अलग हिस्सों के नाम सिखाने शुरू करते हैं , जैसे कान , आंख , तभी प्राइवेट पार्ट्स के सही नाम सिखाएं । उसे लड़का व लड़की , दोनों के शरीर के अंगों के बारे में बताएं । .कोई मनगढंत नाम बना कर ना बताएं । इससे बच्चे को लग सकता है कि इनमें जरूर कोई अजीब या शर्मवाली बात है । ऐसे में अगर कोई उसके शरीर को छूता है , तो इस बात की आशंका रहती है कि बच्चा इस बारे में पेरेट्स को ना बताए ।

Private Parts खास हिस्से :

शरीर के इन हिस्सों के बारे में बात करते समय उसके मन में इनके बारे में गंदे विचार ना आने दें । उसे समझाएं कि प्राइवेट पाट्स उसके शरीर के खास हिस्से है । कोई बच्चे को खुश करने के मकसद से इस हिस्से में गुदगुदों करने की कोशिश करता है , तो यह गुड टच नहीं है । इसी तरह कोई व्यक्ति उससे उसके इन हिस्सों को छुने के लिए कहे , तो वह भी गलत है । इस तरह की कोई भी बात होने पर बच्चे को पेरेंट्स को बताने के लिए NO ! समझाएं ।

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अजनबी से परे की सोचें :

हम हमेशा बच्चों को अजनबी से बात ना करने की सलाह देते है । पर इससे अलग हटकर सोयें । बच्चे को अजनबी से ज्यादा अपनों से ज्यादा खतरा होता है ।

Good Touch Bad Touch In hindi

मामलों में यौन शोषण परिवार के लोग नजदीकी रिश्तेदार करते हैं । लगभग 25 % , मामले ही प्रकाश में आते हैं और केवल 3 % मामलों में ही एफआईआर दर्ज होती है । बच्चों को यौन उत्पीड़न का सबसे ज्यादा खतरा उन्हीं लोगों से होता है , जिनके साथ वह अपना ज्यादा समय बिताता है । यौन शोषण करनेवाला बच्चे को यह कह कर गुमराह करता है कि ‘ यह हम दोनों का सीक्रेट है । यह बात पेरेंट्स को बताओगे , तो वे नाराज होंगे । ‘ बच्चे को समझाएं कि किसी व्यक्ति को यह हक नहीं है कि वह उसे पैरेंट्स से कोई बात सीक्रेट रखने के लिए कहे ।

बच्चे के साथ होने का भरोसा दिलाएं : बच्चे के साथ विश्वास का रिश्ता कायम करें । बच्चे के कुछ कहने पर पेरेंट्स उनसे लगातार सवाल करते हैं , ऐसे में कोई होने पर हो सकता है कि वे पेरेंट्स को बताने से आनाकानी करें । वैसे भी यौन शोषण करने वाला बच्चे के मन में यह बात बिठा देता है कि ‘ इस तरह की बात करने पर कोई उनकी बात का विश्वास नहीं करेगा और उलटा उनका ही मजाक बनेगा ।

जब बात बैड टच की हो रही हो , तो बच्चे को पैरेंट्स पर पूरा भरोसा होना चाहिए कि इस तरह की कोई बात होने पर उसे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा , ना ही कोई उस पर चिल्लाएगा । बच्चें को यह महसूस कराएं कि आप उससे प्यार करते हैं , इसलिए उसकी सेफ्टी को ध्यान में रख कर उससे इस बारे में बात कर रहे हैं । आप चाहते हैं कि जिस तरह से रोड क्रॉस करते समय उसके साथ कोई एक्सीडेंट ना हो , उसी तरह यह नहीं चाहते कि कोई उसके शरीर को नुकसान पहुंचाए । अलर्ट हो जाएं

अकसर पेरेंट्स उस समय खुशी से फूले नहीं समाते जब कोच , टीचर या काउंसलर उनके बच्चे को सभी बच्चों में से खास बताते हैं और कहते हैं कि इस बच्ची में हर तरह की क्वालिटी हैं । ऐसे में मेरेंट्स तुरंत अलर्ट हो जाएं , यह एक तरह का चेतावनीभरा संकेत हो कर बच्चे के बारे में बात नहीं करते ।

• ऐसा व्यक्ति जब जब किसी बच्चे को चुन ले , तो उनका अगला कदम बजे से अकेले में मिलना होता है । इसके लिए या चने को प्राइवेट ट्यूशन देने , जो अलग से रेनिम या कोई और खेल मिलाने या रातभर के लिए कैंप में भेजने की बात कह सकता है। कभी भी बच्चे को अकेले उस ट्यूटर , कोच या काउंसलर के साथ ना भेजें ।

• सेक्स अन्यूजर्स ज्यादातर सिंगल मदर्स के बच्चों को अपना निशाना बनाते हैं । वे इस स्थिति का फायदा उठाते हैं कि मां बच्चे के साथ ज्यादा समय नहीं चिता पाएगी और अगर कोई उनके बच्चे के साथ समय बिताने के लिए आगे आएगा , तो उसे पसंद करेगी ।

बच्चे को रात के समय उसके किसी दोस्त या सहेली के घर अकेला ना छोड़ें । अब टीनएजर बच्चे दोस्तों के घर रातभर रहने लगे हैं । जब तक आप उसके दोस्त या सहेली के परिवार को अच्छे से ना जानते हों और उनके घर कई बार ना गए हो , तब तक बच्चे को वहां रातभर अकेले रहने की इजाजत ना दें । बच्चे से इस बारे में दोस्ताना तरीके से बात करें । कुछ भी अजीब लगे , तो बच्चे को यहां ना भेजें ।

सेफ्टी के लिए क्या करें • बच्चे को जिस एक्टिविटी क्लास में भेज रहे हैं , उसकी बैकग्राउंड चेक करें । ध्यान रखें कि हर एंप्लाई की बैकग्राउंड चेकिंग हुई हो । बच्चा क्लास में जिन लोगों के साथ बातचीत करता है , उनसे मिलवाने के लिए कहें ।

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